Thursday, June 24, 2021

दैनिक समाचार डाइजेस्ट : 24 जून 2021

 


कसावा: बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए 
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR)-केंद्रीय कंद फसल अनुसंधान (CTCRI) ने भारत द्वारा 2025 के इथेनॉल सम्मिश्रण पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बायोएथेनॉल उत्पादन के लिए कसावा को कच्चे मॉल के रूप में पाया है। 
कसावा एक अखरोट के स्वाद वाली, स्टार्चयुक्त जड़ वाली सब्जी या कंद है जो मूल रूप से दक्षिण अमेरिका की वनस्पति है। यह विकासशील देशों के लोगों के लिए कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट का एक प्रमुख स्रोत है।

21 जून : ग्रीष्म संक्रांति 
21 जून उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन होता है, इस दिन को ग्रीष्म संक्रांति के रूप में जाना जाता है। 
जून संक्रांति पर, पृथ्वी अपनी कक्षा में इस प्रकार की स्थित होती है की हमारे विश्व का उत्तरी ध्रुव सूर्य की ओर सबसे अधिक झुकता है।  उत्तरी गोलार्ध में यह साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। 

ग्रेट बैरियर रीफ को 'खतरे में' के रूप में सूचीबद्ध किया जाना चाहिए: संयुक्त राष्ट्र 
संयुक्त राष्ट्र समिति ने ग्रेट बैरियर रीफ को "खतरे में" विश्व धरोहर स्थलों की सूची में जोड़ने का निर्धारण किया। 
ग्रेट बैरियर रीफ, यह दुनिया की सबसे बड़ी प्रवाल भित्ति प्रणाली है जो 2,900 से अधिक व्यक्तिगत भित्तियों और 900 द्वीपों से बानी है जो लगभग 344,400 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में 2,300 किलोमीटर से अधिक तक फैली हुई है।  शैलभित्ति ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड के तट पर कोरल सागर में स्थित है। 

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत बायोटेक-किसान कार्यक्रम 
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने अपने मिशन कार्यक्रम "बायोटेक-कृषि नवाचार विज्ञान अनुप्रयोग नेटवर्क (बायोटेक-किसान)" के एक भाग के रूप में पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक विशेष कॉल जारी की है। 
यह एक वैज्ञानिक-किसान भागीदारी योजना है। यह एक किसान केंद्रित योजना है जिसे विज्ञान और प्रोधोगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत किसानों द्वारा उनके साथ मिलकर विकसित किया गया है। 

ब्लैक सॉफ्टशेल कछुआ 
असम वन विभाग ने दो गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं और वर्ष 2030 तक कम से कम 1,000 ब्लैक सॉफ्टशेल कछुओं (Black Softshell Turtles) को पालने के लिए एक विज़न दस्तावेज अपनाया है। 
ब्लैक शॉफ्टसेल कछुओं का वैज्ञानिक नाम निल्सोनिया नाइग्रिकन्स है। यह मीठे पानी की प्रजाति है और भारत में मीठे पानी के कछुओं की 29 प्रजातियां पाई जाती है। यह पूर्वोत्तर भारत और बांग्लादेश में मंदिरो के तालाबों में पाया जाता है।  यह ब्रह्मपुत्र नदी और उसकी सहायक नदियों में  भी पाई जाता है। 

बच्चों के सशस्र संघर्ष पर महासचिव की संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक रिपोर्ट 
संयुक्त राष्ट्र ने "बच्चों और सशस्त्र संघर्ष (सीएएसी) पर महासचिव की वार्षिक रिपोर्ट" प्रकाशित की है।  रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में लड़के और लड़कियों सहित लगभग 19,300 बच्चे गंभीर उल्लंघन की एक या अधिक घटनाओं का शिकार हुए हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा गिनी में इबोला के प्रकोप की घोषणा 
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा जारी रिपोर्ट में गिनी में इबोला का प्रकोप फरवरी में शुरू हुआ, जिसमे 16 लोग संक्रमित हुए और 12 लोगों की मौत हुई है। 
इबोला वायरस रोग (EVD), जिसे पहले इबोला रक्तस्रवी बुखार के रूप में जाना जाता था, मनुष्यों में एक गंभीर बीमारी है। 

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